Thursday, 3 December 2015

सीताफल से कलाकंद कैसे बनाये l

Ingredients for Custard Apple Kalakand Recipe in Hindi दूध – 2 लीटर (Milk) घी – T spoon (Ghee) चीनी – 2 कप (Sugar) बादाम – T spoon (बारीक़ कटा हुआ) (Badam) इलायची पाउडर – 1/2 T spoon (Cardamom powder) पिस्ता – T spoon (बारीक़ कटा हुआ) (Pistha) सीताफल का प्यूरी – 1 कप (Custard apple) नीबू का रस – 2 T spoon (Lemon juice) Read Here Custard Apple Kalakand Recipe in English How to Make Custard Apple

Kalakand Recipe – विधि ★ 1 लीटर दूध को उबालने रखे. दूध उबलते ही निम्बू का रस डाल कर मिलाये. अब दूध फट ने के बाद एक पतला कपडे में डालकर कपडे के दोनों किनारो को बीच में लाकर हाथ से दबा कर पानी पूरा निकाल कर कोवा निकाल कर अलग रख लीजिये. ★ अब बचा हुआ 1 लीटर को उबाल लीजिये. दूध उबाल कर आधा होने के बाद उसमे कोवा डाल कर मिलाये. उसके बाद मिश्रण पेन के किनारो से अलग होने लगे तब सीताफल का प्यूरी, चीनी, इलायची पाउडर, पिस्ता, बादाम मिलाकर मिश्रण गाड़ा होने तक चम्मच से चलाते हुए पकाये. ★ अब एक प्लेट में घी लगा कर मिश्रण को प्लेट में डालिये और समान रूप से फैलाइये. मिश्रण ठंडा होने के बाद पीसेस में काट लीजिये. सीताफल का कलाकन्द तैयार.

Tuesday, 1 December 2015

मकर राशि 2016 शनि का साया और उपाय

मकर राशि साल 2016 में शनि आपकी राशि से 11वें स्थान पर रहेगा। शनि की यह स्थिति आपके लिए लाभदायक होगी। व्यापार व नौकरी में मनचाहे परिणाम मिलेंगे। स्वास्थ्य की दृष्टि से भी ये समय उत्तम रहेगा। पुराने रोग समाप्त होंगे। शनि के कारण धन लाभ में बढ़ोत्तरी होगी। व्यापार में सूझ-बूझ से लिए गए निर्णय अच्छे साबित होंगे। पति-पत्नी में छोटी-मोटी नोंकझोंक संभव है, जो समय रहते सुलझ जाएगा। परिवार में सुख-शांति का वातावरण रहेगा। शत्रु पक्ष चाहकर भी आपका कुछ नहीं बिगाड़ सकते। बिजनेस में उन्नति होने की संभावना है। 25 मार्च से 13 अगस्त 2016 के बीच शनि की वक्र स्थिति के कारण स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान कोई प्रिय चीज चोरी होने या खो जाने का भी डर है। लॉटरी, जुआ, सट्टा व शेयर्स में निवेश धन हानि का कारण बन सकता है। बिजनेस में समझदारी से काम लें।

उपाय
1. शमी वृक्ष की जड़ को विधि-विधान पूर्वक घर लेकर आएं। शनिवार को श्रवण नक्षत्र में या शनि जयंती को किसी योग्य विद्वान से अभिमंत्रित करवा कर काले धागे में बांधकर गले या बाजू में धारण करें। शनिदेव प्रसन्न होंगे तथा शनि के कारण जितनी भी समस्याएं हैं, उनका निदान होगा।

2. काले धागे में बिच्छू घास की जड़ को अभिमंत्रित करवा कर शनिवार को श्रवण नक्षत्र में या शनि जयंती के शुभ मुहूर्त में धारण करने से भी शनि संबंधी सभी कार्यों में सफलता मिलती है।

3. शनिवार को इन 10 नामों से शनिदेव का पूजन करें- कोणस्थ पिंगलो बभ्रु: कृष्णो रौद्रोन्तको यम:। सौरि: शनैश्चरो मंद: पिप्पलादेन संस्तुत:।। अर्थात: 1- कोणस्थ, 2- पिंगल, 3- बभ्रु, 4- कृष्ण, 5- रौद्रान्तक, 6- यम, 7, सौरि, 8- शनैश्चर, 9- मंद व 10- पिप्पलाद। इन दस नामों से शनिदेव का स्मरण करने से सभी शनि दोष दूर हो जाते हैं।

धनु राशि 2016 शनि का साया और उपाय

साल 2016 में शनि आपकी राशि से 12वें स्थान पर रहेगा। इस राशि पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव रहेगा। खर्च में अत्यधिक वृद्धि हो सकती है। पैसों को लेकर समस्याएं इस साल बनी रहेंगी। बिजनेस को पटरी पर लाने के लिए आप हर प्रयास करेंगे, लेकिन जैसी आप चाहते हैं, वैसी सफलता नहीं मिलेगी। नौकरी में प्रमोशन न मिलने से निराश हो सकते हैं। ट्रांसफर भी संभव है, लेकिन बॉस व अधिकारियों से अच्छे संबंध बने रहेंगे। इस साल कई उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। किसी से कर्ज लेना पड़ सकता है। अपने लोग ही दुश्मन बन सकते हैं। गुस्से पर काबू रखें नहीं तो सामाजिक कामों में निंदा के पात्र बन सकते हैं। 25 मार्च से 13 अगस्त 2016 के बीच शनि की व्रक स्थिति के कारण व्यापार में कोई ठोस निर्णय आप ले सकते हैं। विद्यार्थियों के लिए समय लाभ देने वाला रहेगा। प्रेम प्रसंगों में सफलता मिलेगी। पति-पत्नी में तालमेल बना रहेगा। एक्सीडेंट की संभावना है, वाहन संभलकर चलाएं 
उपाय

1. शनिवार को किसी हनुमान मंदिर में जाकर हनुमान चालीसा का पाठ करें और शनि दोष की शांति के लिए हनुमानजी से प्रार्थना करें। बूंदी के लड्डू का भोग भी लगाएं।

2. शनिवार को 11 नारियल बहते हुए जल में प्रवाहित
करे और शनिििदेव से जीवन को सुखमय बनाने के लिए प्रार्थना करें।

3. प्रत्येक शनिवार को शाम के समय बड़ (बरगद) और पीपल के पेड़ के नीचे सूर्योदय से पहले स्नान आदि करने के बाद सरसों के तेल का दीपक लगाएं और दूध एवं धूप आदि अर्पित करें।

4. सवा पांच रत्ती का नीलम या उपरत्न(नीली) सोना, चांदी या तांबे की अंगूठी में अभिमंत्रित करवा कर धारण करें।

मीन राशि -2016 शनि का साया और उपाय

मीन राशि साल 2016 में शनि आपकी राशि से नौवे स्थान पर रहेगा। शनि की यह स्थिति आपके लिए शुभ रहेगी। इस साल आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। बिजनेस में बेहतर स्थितियां बनेंगी। धन लाभ के अनेक योग बनेंगे। आर्थिक रूप से ये साल काफी अच्छा रहेगा। किसी अधिकारी या राजनीतिक व्यक्ति से संपर्क बनेंगे, इनके कारण आगे चलकर आपको लाभ भी होगा। घर परिवार में स्थिति अच्छी रहेगी। संतान से संबंधित कोई महत्वपूर्ण निर्णय आप इस साल ले सकते हैं। कोई नई चीज खरीदने का मन बनेगा। 25 मार्च से 13 अगस्त 2016 के बीच शनि की व्रक स्थिति में आपके साथ कोई अनहोनी घटना हो सकती है। वाहन सावधानीपूर्वक चलाएं। बुरी आदतों जैसे- शराब, सिगरेट आदि पर नियंत्रण रखें। हर काम संयम व धैर्य से करें। परिवार के सारे ही लोग आपसी सामंजस्य, प्रेम व सौहार्द से रहेंगे।

उपाय
1. चोकरयुक्त आटे की 2 रोटी लेकर एक पर तेल और दूसरी पर घी दें। घी वाली रोटी पर थोड़ा मिष्ठान रखकर काली गाय को खिला दें तथा दूसरी रोटी काले कुत्ते को खिला दें और शनिदेव का स्मरण करें।

2. शनिवार को एक कांसे की कटोरी में तिल का तेल भर कर उसमें अपना मुख देख कर और काले कपड़े में काले उड़द, सवा किलो अनाज, दो लड्डू, फल, काला कोयला और लोहे की कील रख कर डाकोत(शनि का दान लेने वाला) को दान कर दें।

3. शनिवार को किसी हनुमान मंदिर में जाकर हनुमान चालीसा का पाठ करें और शनि दोष की शांति के लिए हनुमानजी से प्रार्थना करें। बूंदी के लड्डू का भोग भी लगाएं।

4. शनिवार को 11 नारियल बहते हुए जल में प्रवाहित करें और शनिदेव से जीवन को सुखमय बनाने के लिए प्रार्थना करें।

मंगलवार से करे गुड़ छाने का उपाय 2

उपाय प्रारंभ करने के लिए जिस मंगलवार का चयन करें, उसके पहले सोमवार को सवा पाव अच्छा गुड़, थोड़े से भूने चने और सवा पाव गाय के शुद्ध घी का प्रबंध कर लें। गुड़ के छोटे-छोटे 21 टुकड़े कर लें। साफ रूई लेकर 22 फूल बत्तियां बनाकर घी में भिगो दें। इन सभी वस्तुओं को अलग-अलग साफ बर्तनों में लेकर किसी स्वच्छ स्थान पर रख दें। - साथ ही, माचिस और एक छोटा बर्तन व छन्नी आदि, जिसमें रोज ये वस्तुएं आसानी से ले जाई सकें, भी रख दें। ये उपाय करने के लिए अब हनुमानजी के किसी ऐसे मंदिर का चयन करें, जहां अधिक भीड़ न आती हो और जो एकांत में हो। - जिस मंगलवार से उपाय शुरू करना हो, उस दिन ब्रह्म मुहूर्त से पहले उठ जाएं और स्नान आदि कर स्वच्छ वस्त्र पहन लें। माथे पर रोली या चंदन का तिलक लगाएं। इसके बाद एक साफ बर्तन में एक गुड़ की डली, 11 चने, एक घी की बत्ती और माचिस लेकर साफ कपड़े से इस ढंक लें। अब नंगे पैर ही हनुमानजी के मंदिर की ओर जाएं। घर से निकलने से लेकर रास्ते में या मंदिर में किसी से कोई बात न करें। और न ही पीछे पलटकर या इधर-उधर देखें।

मंगलवार से करे गुड़ चने का उपाय 3

मंगलवार से शुरू करें गुड़-चने का ये उपाय, प्रसन्न होंगे हनुमानजी
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मंदिर पहुंचने के बाद हनुमानजी की मूर्ति के सामने मौन धारण किए हुए ही सबसे पहले घी की बत्ती जलाएं। इसके बाद 11 चने और 1 गुड़ की डली हनुमानजी के सामने रखकर साष्टांग प्रणाम कर अपनी मनोकामना की पूर्ति के लिए मन ही मन श्रद्धा व विश्वास से प्रार्थना करें फिर श्री हनुमानचालीसा का पाठ भी मौन रहकर ही करें। -

अब मंदिर से जाने से लेकर घर पहुंचने तक न तो पीछे पलटकर या इधर-उधर देखें और न ही किसी से बात करें। घर पहुंचने के बाद यह पूरी सामग्री उचित स्थान रखकर 7 बार राम-राम बोलकर ही अपना मौन भंग करें। रात में सोने से पहले 11 बार श्री हनुमानचालीसा का पाठ करें व अपनी मनोकामना सिद्धि के लिए प्रार्थना करें। ये प्रक्रिया लगातार 21 दिन तक करें।

मंगलवार से करे गुड़ चने का उपाय -प्रसन्न होंगे हनुमानजी

कहते हैं हनुमानजी की कृपा जिस पर भी होती है, उसकी हर मनोकामना पूरी हो जाती है। आज हम आपको हनुमानजी का एक ऐसा ही अचूक और असरदार उपाय बता रहे हैं, जिसे विधि-विधान से पूर्ण करने पर हनुमानजी अपने भक्त की हर मनोकामना पूरी कर सकते हैं।

ये उपाय 21 दिनों का है। इस उपाय में गुड़, चने और चूरमे से ही हनुमानजी प्रसन्न हो जाते हैं। गीताप्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित हनुमान अंक के अनुसार, ये उपाय अनुभव सिद्ध है यानी इसका लाभ कई लोग ले चुके हैं। इस उपाय को करते समय कई बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

जैसे- 1. ये उपाय किसी भी महीने के शुक्ल पक्ष के मंगलवार से शुरू कर सकते हैं परंतु इस बात का विशेष ध्यान रखें कि उस दिन चतुर्थी, नवमी व चतुर्दशी तिथि नहीं होना चाहिए।

2. मृत्यु सूतक या जन्म सूतक के दौरान भी यह उपाय शुरू नहीं करना चाहिए। यदि उपाय के दौरान ऐसा कोई संयोग आ जाए तो किसी विद्वान ब्राह्मण के द्वारा ये उपाय पूर्ण करवाना चाहिए, बीच में नहीं छोड़ना चाहिए।

3. पुरुषों के अलावा महिलाएं भी ये उपाय कर सकती हैं, लेकिन केवल वे ही महिलाएं ये उपाय कर सकती हैं, जिसका प्रौढ़ावस्था के बाद प्राकृतिक रूप से मासिक धर्म सदा के लिए बंद हो चुका हो।

4. उपाय के दौरान क्षौर कर्म (दाढ़ी बनवाना, नाखून काटना आदि) नहीं करना चाहिए। ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए सात्विक आहार ही ग्रहण करना चाहिए। एक ही समय भोजन करें तो अति उत्तम रहेगा।